ऐतिहासिक विकास और शैक्षिक यात्रा
1837 में 57 विद्यार्थियों के साथ एक सरकारी स्कूल के रूप में आरंभ हुई यह संस्था 1850 में सरकारी कॉलेज के रूप में विकसित हुई और आगे चलकर उत्तर भारत की प्रतिष्ठित उच्च शिक्षा संस्थाओं में अपना स्थान बनाया। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम, 1857 की उथल-पुथल के पश्चात कॉलेज की शैक्षिक उन्नति का दौर प्रारंभ हुआ।
वर्ष 1862 में इस कॉलेज को कलकत्ता विश्वविद्यालय से संबद्धता प्राप्त हुई, जिससे इसकी शैक्षिक प्रतिष्ठा का विस्तार हुआ। तत्पश्चात इलाहाबाद विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद वर्ष 1888 में कॉलेज को इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संबद्धता प्राप्त हुई। इसके पश्चात यह आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध रहा और वर्तमान समय में वर्ष 1976 से महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली से संबद्ध एक प्रतिष्ठित महाविद्यालय के रूप में अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहा है।